महिला एवं बाल विकास की योजनाओं से सशक्तिकरण की नई इबारत, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रस्तुत किया दो वर्षों का रिपोर्ट कार्ड
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गिनाईं विभाग की दो साल की उपलब्धियां; 14 हजार करोड़ से अधिक की राशि खातों में हुई अंतरित।

रायपुर । छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजधानी रायपुर के ‘संवाद’ ऑडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए किए गए क्रांतिकारी कार्यों का विवरण साझा किया। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग की योजनाओं ने प्रदेश में महिला सम्मान, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं।
महतारी वंदन योजना: आर्थिक आजादी का आधार
मंत्री राजवाड़े ने बताया कि राज्य की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत अब तक 69 लाख से अधिक महिलाओं को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया है। उनके खातों में अब तक 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस राशि से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि अब वे पारिवारिक निर्णयों में भी स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धि
प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश की 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है, जो राज्य की बेहतर क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।
कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक प्रहार
प्रेस वार्ता के दौरान कुपोषण के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि नवंबर 2023 के मुकाबले नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में 19 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार दिया जा रहा है। इस व्यवस्था में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी ने पारदर्शिता और गुणवत्ता को सुनिश्चित किया है।
सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’, महिला हेल्पलाइन (181) और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) तत्परता से कार्य कर रहे हैं। साथ ही, विभाग ने ई-भर्ती पोर्टल, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन के माध्यम से कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाया है।
अंत में, मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोहराया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और बाल संरक्षण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से छत्तीसगढ़ एक सुरक्षित और समावेशी राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।



