महाबली के दरबार में जन्मोत्सव की गूंज: गुरुचरण सिंह होरा ने सर्व धर्म हनुमान मंदिर में टेका मत्था, समाजसेवी कुबेर राठी ने जन्म दिवस की दी शुभकामनाएं

ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा का 65वां जन्मदिन भक्तिमय माहौल में संपन्न,समाजसेवी कुबेर राठी ने दी 'कर्मयोगी' की उपमा



रायपुर । राजधानी के प्रतिष्ठित ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा का 65वां जन्मदिवस आज आस्था, उत्साह और जन-सेवा के संगम के रूप में मनाया गया। जहाँ एक ओर पूरे शहर में उनके प्रशंसकों ने हर्षोल्लास व्यक्त किया, वहीं रेलवे स्टेशन परिसर स्थित सर्व धर्म हनुमान मंदिर में आध्यात्मिक आभा के बीच एक भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

पुष्प वर्षा और ढोल-नगाड़ों से हुआ आत्मीय स्वागत

जैसे ही गुरुचरण सिंह होरा मंदिर परिसर पहुंचे, वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘वीर हनुमान’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी कुबेर राठी के नेतृत्व में ढोल-नगाड़ों की थाप और पुष्प वर्षा के साथ उनका राजसी स्वागत किया गया। भक्तिमय माहौल में होरा जी ने बजरंगबली की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आरती की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की।

भंडारे में उमड़ा जनसैलाब: 6000 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर समाजसेवी कुबेर राठी द्वारा विशाल ‘महाभंडारे’ का आयोजन किया गया। लगभग 5,000 से 6,000 श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर स्वयं गुरुचरण सिंह होरा ने अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर सेवा की मिसाल पेश की।

आरती के पश्चात कुबेर राठी ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया, जिसके बाद केक काटकर उपस्थित जनसमूह के साथ खुशियां साझा की गईं।

आध्यात्मिक जुड़ाव:बजरंगबली के चरणों में मिलता है सकल सुख

पत्रकारों से चर्चा करते हुए गुरुचरण सिंह होरा ने अपने दिन की यात्रा का वर्णन करते हुए कहा कि मेरे दिन का प्रारंभ गुरुद्वारे में अरदास के साथ हुआ, तत्पश्चात मित्रों और ब्रॉडकास्ट बंधुओं का प्रेम मिला। किंतु संध्या काल में हनुमान जी के चरणों में आकर जो शांति मिलती है, वह अतुलनीय है। यह मंदिर साक्षात सिद्ध पीठ है, जहाँ मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यह मेरा सौभाग्य है कि पिछले 6 वर्षों से मैं निरंतर यहाँ मत्था टेकने आ रहा हूँ।

उन्होंने राठी परिवार कुबेर राठी, राजकुमार राठी, अंकित और कुणाल राठी के संघर्षों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अटूट भक्ति के कारण ही आज यह मंदिर रेलवे स्टेशन परिसर की शोभा बढ़ा रहा है।

संस्थापक कुबेर राठी का संदेश: साधुता और कर्मठता के प्रतीक

सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने होरा जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए एक पौराणिक उपमा दी। उन्होंने कहा कि गुरुचरण सिंह होरा जी केवल एक सफल व्यवसायी नहीं, बल्कि एक ऐसे ‘कर्मयोगी’ हैं जिनके हृदय में सेवा भाव कूट-कूट कर भरा है। जिस प्रकार हनुमान जी अपनी शक्ति का उपयोग राम काज के लिए करते थे, उसी प्रकार होरा जी अपनी सामर्थ्य का उपयोग सदैव जन-कल्याण और धार्मिक कार्यों के लिए करते हैं। उनका व्यक्तित्व उस वटवृक्ष के समान है, जिसकी छाया में हर वर्ग का व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करता है।

कुबेर राठी ने आगे कहा कि आज के इस भौतिकवादी युग में होरा जी जैसे व्यक्तित्व दुर्लभ हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। वे आधुनिकता और अध्यात्म के अद्भुत सेतु हैं। हमारे मंदिर परिवार के लिए यह गौरव का विषय है कि वे हर वर्ष यहाँ आकर मर्यादा पुरुषोत्तम के अनन्य भक्त हनुमान जी का आशीर्वाद लेते हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु प्रदान करे ताकि वे इसी प्रकार समाज का मार्गदर्शन करते रहें।

उपस्थित गणमान्यजन

इस अवसर पर सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रवक्ता राजकुमार राठी,संयोजक कमलेश तिवारी,आशिफ मेमन,मन्नू नथानी,कीर्ति माखीजा,अंकित राठी ,विवेक जोशी,कंचन शुक्ला, सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति के सदस्यगण, कार्यकर्ता सहित श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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