स्वतंत्रता दिवस 2025: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ध्वजारोहण, नक्सलमुक्त बस्तर और महिला सशक्तिकरण रहा मुख्य विषय

रायपुर, 15 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ ने आज 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया।
राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का ध्वजारोहण किया और 17 प्लाटून की सलामी ली।
प्रमुख अतिथि और आयोजन स्थल
- मुख्य समारोह स्थल: पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर
- मुख्यमंत्री: विष्णुदेव साय
- उपमुख्यमंत्री: विजय शर्मा (दुर्ग में ध्वजारोहण)
- अन्य मंत्रीगण: अरुण साव (बिलासपुर में झंडा फहराया)
- परेड में भाग लेने वाले बल: BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष एवं महिला), नगर सेना, NCC, बैंड प्लाटून
मुख्यमंत्री का संबोधन: मुख्य विषय और घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के विकास, नक्सलवाद के खात्मे, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों को प्रमुखता दी। उनके भाषण के मुख्य बिंदु:
- तिरंगे का महत्व: “हमारा तिरंगा पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। हम इसकी शान को बनाए रखेंगे।”
- आवास योजना: 15,000 नए आवास मंजूर, पात्रता नियमों में सरलता, आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे
- महिला सशक्तिकरण: महतारी वंदन योजना के तहत 17 लाख महिलाओं को ₹1000 मासिक सहायता
- नक्सलवाद पर प्रहार: मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य, पिछले 20 महीनों में 450 नक्सली गिरफ्तार
- ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की सराहना
- अंतरिक्ष उपलब्धियां: शुभांशु शुक्ला द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में तिरंगा फहराने का उल्लेख
- आपातकाल की स्मृति: लोकतंत्र सेनानियों को नमन
- कानून-व्यवस्था पर सख्ती: मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऐतिहासिक पहल: नक्सल प्रभावित गांवों में पहली बार तिरंगा
बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र के सात गांवों — कुटुल, बेदमकोटी, पदमकोट, नेलंगुर, पांगुर, कांडुलनार और रैनार — में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के चलते इन गांवों में तिरंगा फहराया गया, जो दशकों से नक्सल प्रभाव में थे।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने सभी मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में तिरंगा फहराने का निर्देश दिया। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, “तिरंगा सम्मान और गर्व का प्रतीक है, जो किसी धर्म से नहीं जुड़ा है।” इस पहल ने एकता और देशभक्ति का संदेश दिया।
अन्य आयोजन
- स्कूलों और कॉलेजों में: प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वृक्षारोपण, पुरस्कार वितरण
- रात्रि में: सभी सरकारी भवनों को रोशनी से सजाया गया
- सम्मान समारोह: नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों को विशेष आमंत्रण और सम्मान
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भाषण छत्तीसगढ़ के विकास, सुरक्षा और सामाजिक समरसता की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहली बार तिरंगा फहराना और महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण देना इस स्वतंत्रता दिवस को ऐतिहासिक बनाता है।