“सनातन विरोधी” बयानबाजी के खिलाफ भाजयुमो का हल्लाबोल, प्रदेश भर में फूंका भूपेश बघेल का पुतला

"राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकराने वाली कांग्रेस का अस्तित्व अब खत्म होने की कगार पर"





रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कथित तौर पर सनातन विरोधी बयानबाजी और साधु-संतों के अपमान के विरोध में आज प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​भाजपा जिला अध्यक्ष (रायपुर शहर) रमेश सिंह ठाकुर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता शुरू से ही भगवान श्रीराम और सनातन संस्कृति के विरोधी रहे हैं। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध कर रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि उन्हें यह स्क्रिप्ट कहीं से दी गई है। ठाकुर ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही कोर्ट में रामसेतु को काल्पनिक बताया था और राम मंदिर का निमंत्रण मिलने के बावजूद गांधी परिवार दर्शन करने नहीं गया।

​भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली में धर्मांतरण कराने वालों से मिलकर उन्हें संरक्षण देते हैं, उन्हें सनातन धर्म या हमारे पूज्य संतों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। टिकरिहा ने आगे कहा कि आज गांव-गांव में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव-भक्ति की लहर है और बागेश्वर धाम की महिमा से सनातन जागृत हो रहा है। यही कारण है कि सनातन विरोधी कांग्रेस अब सिमटती जा रही है और आने वाले समय में इसका अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

प्रदर्शन में प्रमुख उपस्थिति:

इस पुतला दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमन प्रताप, विशाल पांडेय, वासु शर्मा, पिंटू साहु, अर्पित सूर्यवंशी, प्रणय साहू, अश्वनी विश्कर्मा, शंकर साहू, अभिषेक धनगर, योगी साहू, शुभंकर द्विवेदी, युगल वर्मा, भारत कुंड, आकाश शर्मा, राज गायकवाड, राहुल वर्मा, सुरेंद्र साहू, गुरमीत सिंह, गोपाल साहू एवं धर्मेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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