लाल किले से टेक्नोलॉजी क्रांति का ऐलान; पीएम मोदी की 79वें स्वतंत्रता दिवस पर 5 बड़ी घोषणाएं




15 अगस्त 2025 को देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए टेक्नोलॉजी, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। उन्होंने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टर में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की बात कही।
1. “मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप: भारत की चिप क्रांति”
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष के अंत तक भारत में बने सेमीकंडक्टर चिप बाजार में उपलब्ध होंगे। नोएडा और बेंगलुरु में स्थापित अत्याधुनिक डिजाइन फैसिलिटीज में 3 नैनोमीटर आर्किटेक्चर वाले चिप तैयार किए जा रहे हैं। इससे पहले भारत में 7nm और 5nm चिप डिजाइन किए जा चुके हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 4594 करोड़ रुपये की लागत वाली चार नई सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में स्थापित की जाएंगी। यह भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर इनोवेशन की दौड़ में अग्रणी बनाएगा।
2. “6G टेक्नोलॉजी: मिशन मोड में अगली पीढ़ी की संचार क्रांति”
पीएम मोदी ने बताया कि भारत में 6G टेक्नोलॉजी को मिशन मोड में विकसित किया जा रहा है। यह पहल भारत को वैश्विक संचार तकनीक में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 5G के बाद 6G से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
3. “गेमिंग सेक्टर: भारत को गेमिंग हब बनाने की तैयारी”
प्रधानमंत्री ने गेमिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की बात कही और कहा कि भारत के पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, जिसे गेमिंग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। भारत में 59.1 करोड़ गेमर्स हैं, जो वैश्विक गेमर्स का लगभग 20% हैं।वर्ष 2029 तक भारत का गेमिंग बाजार 9.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। 44% गेमर्स महिलाएं हैं और 66% गैर-मेट्रो शहरों से आते हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल गेमिंग बाजार बन चुका है।
4. “एआई सेक्टर: भारत बनेगा वैश्विक लीडर”
पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का अगला स्तंभ बताया। 2027 तक भारत में एआई सेक्टर में 23 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स भारत के बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत में जेनरेटिव एआई के उछाल से डेटा सेंटर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
5. “डिजाइनिंग फॉर द वर्ल्ड: भारत से वैश्विक नवाचार”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए डिजाइन करेगा। नोएडा और बेंगलुरु के डिजाइन सेंटर वैश्विक मानकों पर आधारित चिप्स और टेक्नोलॉजी तैयार कर रहे हैं। यह भारत को “डिजाइन इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड” की दिशा में ले जाएगा।
निष्कर्ष: भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा का नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी की घोषणाएं भारत को टेक्नोलॉजी, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई ऊंचाई पर ले जाने का संकेत देती हैं। मेड इन इंडिया चिप्स, 6G, गेमिंग, एआई और डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की सक्रियता न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।