Video: पखांजूर में नाबालिग से दरिंदगी; पानी पीने के बहाने घर में घुसा 52 वर्षीय आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर में नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 52 वर्षीय आरोपी ने पानी पीने के बहाने घर में घुसकर बच्ची को कमरे में ले जाकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 26 जनवरी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर, 27 जनवरी 2026 : कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र के ग्राम यशवंत नगर में 17 जनवरी को नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया। आरोपी ने बच्ची को धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर किया और घटना के बाद फरार हो गया। पुलिस ने 26 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घटना का विवरण
- तारीख: 17 जनवरी 2026
- स्थान: ग्राम यशवंत नगर, थाना पखांजूर, जिला कांकेर
- आरोपी: 52 वर्षीय व्यक्ति
- आरोपी पानी पीने के बहाने नाबालिग के घर पहुंचा और बच्ची को जबरदस्ती कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया।
- घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो जान से मार देगा।
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— The 4th Pillar (@pillar_4th) January 27, 2026
पुलिस की कार्रवाई
- घटना सामने आने के बाद पखांजूर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया।
- आरोपी लगातार फरार था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही।
- 26 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी यशवंत नगर में मौजूद है।
- पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
- पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सामाजिक और कानूनी पहलू
- इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और समाज में बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- पॉक्सो एक्ट के तहत ऐसे मामलों में कठोर सजा का प्रावधान है।
- स्थानीय लोगों ने घटना की निंदा करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
राज्य में बढ़ते अपराधों पर चिंता
हाल के दिनों में देशभर में नाबालिगों से दुष्कर्म के कई मामले सामने आए हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की घटनाओं ने समाज को झकझोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़े कानूनों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
पखांजूर की यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार और प्रशासन दोनों को और सतर्क रहना होगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी जेल पहुंचा है, लेकिन ऐसे मामलों को रोकने के लिए व्यापक सामाजिक और कानूनी प्रयास जरूरी हैं।



