रायपुर में अंतरराष्ट्रीय करेंसी ठगी का पर्दाफाश: पश्चिम बंगाल का शातिर जालसाज गिरफ्तार, लाखों कैश और आईफोन बरामद
हर्षित और रक्षित बनकर आए थे ठग, जेनेट को-वर्किंग स्पेस में रची थी साजिश।

रायपुर । राजधानी के तेलीबांधा क्षेत्र में एक टूर एंड ट्रेवल्स व्यवसायी के साथ विदेशी मुद्रा के नाम पर हुई लाखों की ठगी के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह के एक सक्रिय सदस्य, प्रोसेनजित चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 4.50 लाख रुपये नगद और ठगी की रकम से खरीदा गया कीमती आईफोन बरामद किया गया है।
घटना की शुरुआत 1 मार्च को हुई, जब तेलीबांधा निवासी ट्रेवल प्लानर हरदीप सिंह होरा को ‘हर्षित अग्रवाल’ नाम के व्यक्ति का व्हाट्सएप कॉल आया। आरोपी ने लंदन और अमेरिका में होटल बुकिंग का झांसा देकर प्रार्थी को विश्वास में लिया। अगले दिन, आरोपियों ने प्रार्थी को करेंसी टॉवर स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में 18,000 यूएस डॉलर और 2,000 ब्रिटिश पाउंड (भारतीय मूल्य लगभग 19.47 लाख रुपये) लेकर बुलाया।
वहां मौजूद ‘रक्षित अग्रवाल’ नामक आरोपी ने नोट गिनने की मशीन लाने का बहाना बनाया और केबिन से बाहर निकला, जबकि दूसरा साथी प्रार्थी को फोन पर बातों में उलझाए रखा। मौका पाकर आरोपी पूरी विदेशी मुद्रा लेकर चंपत हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में लोकेट किया। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी प्रोसेनजित चक्रवर्ती (38 वर्ष) को धर दबोचा।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्रोसेनजित चक्रवर्ती एक शातिर ठग है। इसके खिलाफ पहले से ही मुंबई के बांद्रा थाने में इसी तरह की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।



