गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा आदिवासी गौरव, डिजिटल म्यूजियम बना आकर्षण का केंद्र
77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली छत्तीसगढ़ की झांकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित इस झांकी में आदिवासी नायकों की वीरता और बलिदान को डिजिटल तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। भारत के पहले आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की झलक ने इसे विशेष आकर्षण बना दिया।

रायपुर, 27 जनवरी 2026 : दिल्ली में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ की झांकी ने आदिवासी नायकों की गाथा को आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत कर सबका ध्यान खींचा। भारत के पहले आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की झलक ने झांकी को विशेष पहचान दिलाई।
छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
- थीम: “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्”
- झांकी में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की गाथा प्रस्तुत की गई।
- झांकी ने यह संदेश दिया कि आज़ादी की लड़ाई केवल शहरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि जंगलों और पहाड़ियों से भी क्रांति की लौ जली थी।
आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की झलक
झांकी का सबसे बड़ा आकर्षण था भारत का पहला आदिवासी डिजिटल म्यूजियम।
- यह संग्रहालय आदिवासी समाज के संघर्ष, संस्कृति, परंपराओं और बलिदानों को आधुनिक तकनीक से संरक्षित करने की पहल है।
- डिजिटल प्रस्तुतियों और कलाकृतियों ने यह दिखाया कि आदिवासी नायकों का योगदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव है।
- इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को आदिवासी समाज के शौर्य और आत्मबल से जोड़ना है।
अन्य राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां
गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल हुईं, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की झांकियां थीं।
- मध्य प्रदेश: लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर
- ओडिशा: परंपरा से प्रगति और महिला विकास
- मणिपुर: जैविक खेती
- राजस्थान: हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय: सूचना क्रांति
- संस्कृति मंत्रालय: मातृभूमि के प्रति प्रेम
समारोह की प्रमुख झलकियां
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
- मुख्य अतिथि: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतिथियों का स्वागत किया और परेड का अवलोकन किया।
- परेड में ऑपरेशन सिंदूर की झांकी और भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा।
छत्तीसगढ़ की झांकी ने गणतंत्र दिवस पर देश को यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज का योगदान स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य रहा है। डिजिटल म्यूजियम की झलक ने इसे आधुनिक और प्रेरणादायक बना दिया। यह झांकी न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के आदिवासी गौरव का प्रतीक बन गई।



