अहमदाबाद में स्कूल छात्र की हत्या से मचा हड़कंप, जन आक्रोश चरम पर

अहमदाबाद के खोखरा स्थित सेवंथ डे स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र नयन की चाकू से हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी 9वीं कक्षा का छात्र है, जिसने लंच ब्रेक के दौरान धार्मिक बहस के बाद हमला किया। घटना के बाद सिंधी समाज और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर उग्र प्रदर्शन किया, जिसमें तोड़फोड़ और स्टाफ के साथ मारपीट भी हुई। स्कूल प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगे हैं, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह मामला बच्चों के बीच सांप्रदायिक तनाव और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है।





 

Ahemdabad 20 August 2025: अहमदाबाद के खोखरा इलाके में स्थित सेवंथ डे स्कूल में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र नयन की चाकू से हत्या कर दी गई। यह हमला स्कूल परिसर में लंच ब्रेक के दौरान हुआ, जब 9वीं कक्षा का एक छात्र नयन के पास आया और अचानक चाकू से वार कर दिया। घायल नयन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने न केवल स्कूल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि शहरभर में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।

बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों के बीच नॉनवेज खाने को लेकर बहस हुई थी, जो धीरे-धीरे सांप्रदायिक तनाव में बदल गई। आरोपी छात्र मुस्लिम समुदाय से है, जबकि मृतक छात्र सिंधी हिंदू समुदाय से संबंधित था। इस घटना के बाद स्कूल के बाहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सिंधी समाज, एबीवीपी कार्यकर्ता और अन्य हिंदू संगठनों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में तोड़फोड़ की, स्टाफ को पीटा और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया, जहां जेसीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए।

स्कूल प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, अभिभावकों ने स्कूल की लापरवाही को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि स्कूल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को समय रहते नहीं रोका गया। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग की है।

इस घटना ने बच्चों के बीच धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक तनाव की गंभीरता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में सांस्कृतिक संवेदनशीलता, मानसिक स्वास्थ्य और संवाद की शिक्षा को प्राथमिकता देना अब बेहद जरूरी हो गया है। पुलिस ने आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है और जुवेनाइल कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है।

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में पनप रहे विभाजन और स्कूलों में घटती संवेदनशीलता की चेतावनी है। अहमदाबाद के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। यदि आप चाहें, तो मैं इस खबर के लिए एक सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो स्क्रिप्ट या इन्फोग्राफिक भी तैयार कर सकता हूँ जो जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधिक प्रभावशाली हो।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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