पीएससी कैलेंडर पर कांग्रेस का हमला: धनंजय सिंह ठाकुर बोले- कहाँ गई मोदी की गारंटी, युवा खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं

पीएससी की गोपनीयता भंग होने का आरोप: कांग्रेस ने पूछा- क्या इसी तरह होती है यूपीएससी की परीक्षा?





रायपुर । ​छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किए जाने को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पूछा है कि आखिर ‘मोदी की गारंटी’ का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवा आज भी उस गारंटी को ढूंढ रहे हैं, जिसमें यूपीएससी की तर्ज पर परीक्षा आयोजित करने और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र खोलने का वादा किया गया था।

धनंजय सिंह ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे। सरकार ने कहा था कि शासकीय नौकरियों में लेटरल एंट्री के लिए नीति बनाई जाएगी और यूपीएससी मेंस पास कर चुके छत्तीसगढ़ी छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन आज तक ऐसे युवा भटक रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्थिति यह है कि सरकार पिछले दो साल से पीएससी का कैलेंडर तक जारी नहीं कर पा रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पीएससी के अवर सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का दो साल बाद भी पालन नहीं हुआ है और उनके आदेश फाइलों में धूल खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में युवाओं को भड़काकर वोट तो बटोर लिए गए, लेकिन अब भाजपा सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने से भाग रही है। युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

गोपनीयता और कार्यप्रणाली पर सवाल

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में देश की ऐसी पहली घटना हुई है जहाँ पीएससी परीक्षा के प्रश्नपत्र जांचने वालों के नाम सार्वजनिक हो गए। उन्होंने सवाल किया, क्या यूपीएससी की परीक्षा इस तरह आयोजित होती है? भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

कांग्रेस पार्टी ने सरकार से पुरजोर माँग की है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग अपना वार्षिक कैलेंडर तत्काल जारी करे। साथ ही, युवाओं को सरकारी नौकरी के समान अवसर प्रदान करने के लिए वादे के मुताबिक यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की जाए।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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