राजधानी में सड़क सुरक्षा माह की भव्य शुरुआत: न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने युवाओं को सिखाया जीवन रक्षा का पाठ, ‘गुड सेमेरिटन’ हुए सम्मानित

सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं को किया जागरूक; रायपुर में बीते वर्ष सड़क हादसों में गई 618 जान।





रायपुर । भारत सरकार के निर्देशानुसार 01 से 31 जनवरी तक आयोजित ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ के तहत आज रायपुर के कृषि महाविद्यालय में एक गरिमामय व्याख्यान एवं खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष, माननीय न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे रहे। रायपुर यातायात पुलिस और एनएसएस (NSS) के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा।

दुर्घटनाएं दैवीय नहीं, लापरवाही का नतीजा: न्यायमूर्ति सप्रे

छात्रों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सप्रे ने मर्मस्पर्शी अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं कोई दैवीय आपदा नहीं, बल्कि मानवीय चूक और लापरवाही का परिणाम हैं। इन्हें नियमों के पालन से रोका जा सकता है। उन्होंने वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वहां हेलमेट की अनिवार्यता ने मृत्यु दर को कम किया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ सड़क दुर्घटनाओं में देश में 12वें स्थान पर है और रायपुर में पिछले वर्ष 618 लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें 70% दोपहिया वाहन चालक थे।

हेल्मेट और सीट बेल्ट पर विशेष बल

विभिन्न वीडियो क्लिप्स के माध्यम से न्यायमूर्ति ने हेलमेट की महत्ता समझाई। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि हेलमेट ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार और स्वयं की सुरक्षा के लिए पहनना चाहिए।

मानवता की मिसाल: ‘गुड सेमेरिटन’ का सम्मान

सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले पांच जांबाज ‘गुड सेमेरिटन’ को मंच पर सम्मानित किया गया। नगीना रात्रे, महेश पोद्दार, जगमोहन साहू, प्रफुल्ल साहू और गागेंद्र सिंह राजपूत को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। अतिथियों ने उनके द्वारा किए गए मानवीय कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

सामूहिक शपथ और प्रशासनिक अपील

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दीकी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। वहीं, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने कॉलेज परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए हेलमेट अनिवार्य करने की अपील की।

​इस अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, डीआईजी यातायात एम.आर. अहीरे, एआईजी यातायात संजय शर्मा, डीएसपी सतीश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और पुलिस बल के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजय शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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