हिंदू नववर्ष पर रामराज परिवार की भव्य शोभायात्रा, समाजसेवी कुबेर राठी हुए शामिल

हिंदू नववर्ष पर रायपुर में भगवा लहर: समाजसेवी कुबेर राठी ने राम भक्तों संग मनाया नव संवत्सर का उत्सव





रायपुर । भारतीय संस्कृति, गौरव और परंपरा के प्रतीक ‘हिंदू नववर्ष’ के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर की सड़कें भक्ति के रंग में सराबोर नजर आईं। रामराज परिवार द्वारा अपने 17वें गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विशाल शोभायात्रा’ ने इस बार भव्यता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।

इस गरिमामय आयोजन में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। रामराज परिवार द्वारा बीते 17 वर्षों से निरंतर किया जा रहा यह प्रयास न केवल समाज को एकजुट कर रहा है, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम भी कर रहा है। आज की यह भव्य शोभायात्रा छत्तीसगढ़ की अटूट आस्था और समरसता का दर्शन कराती है।

इस गरिमामयी धार्मिक आयोजन में नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी कुबेर राठी विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रभु श्री राम के चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया और धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया, जहां हर आयु वर्ग के लोग रामभक्ति के उल्लास में डूबे नजर आए।

आयोजन समिति के संरक्षक महेंद्र सिंघानिया ने बताया कि यह शोभायात्रा केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के स्वागत का एक विराट उत्सव है। यात्रा में जीवंत झांकियां, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज और हाथों में भगवा ध्वज थामे हजारों राम भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

इस अवसर पर समाजसेवी कुबेर राठी ने समस्त नगरवासियों को हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजन हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। भगवान श्री राम का जीवन हमें मर्यादा और सेवा का मार्ग दिखाता है, जिसे आत्मसात करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कुबेर राठी ने आगे कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं। जब पूरा शहर एक सूत्र में बंधकर अपनी संस्कृति का उत्सव मनाता है, तो राष्ट्र की एकता को बल मिलता है।

समाजसेवी कुबेर राठी ने न केवल इस पैदल यात्रा में शिरकत की, बल्कि वे पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए। जैसे ही शोभायात्रा माँ काली के जयकारों के साथ आगे बढ़ी, कुबेर राठी खुद को रोक न सके और माँ के चरणों में समर्पित होकर भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। उन्हें इस तरह भक्ति में लीन देख वहां मौजूद श्रद्धालु भी मंत्रमुग्ध हो गए। राठी ने इस अवसर पर कहा कि माँ की सेवा और भक्ति में जो आनंद है, वह अद्वितीय है। उनके इस सादगीपूर्ण और श्रद्धा भाव ने पूरी शोभायात्रा में चर्चा का विषय बना दिया।

शोभायात्रा का शुभारंभ सप्रे मैदान से हुआ, जो शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा मंच लगाकर पुष्प वर्षा की गई और शीतल जल व शरबत से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। पूरी राजधानी ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान रही।

इस शुभ अवसर पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पुत्री,भाजपा कार्यकर्ता , राम राज समिति के सदस्यगण सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित हुए।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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