पेयजल संकट पर विधायक पुरंदर मिश्रा सख्त, अधिकारियों को तलब कर दिए त्वरित समाधान के निर्देश
हर बूंद का हिसाब और हर घर की फिक्र, पुरंदर मिश्रा ने दिए वैकल्पिक जल व्यवस्था के भी निर्देश।

रायपुर । रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और जन-सरोकार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है। सेल्सटैक्स कॉलोनी (गायत्री नगर) और शंकर नगर क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को देखते हुए विधायक ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और समस्या के निराकरण हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
आज जगन्नाथ मंदिर परिसर में प्रभावित क्षेत्रों के वार्डवासियों ने विधायक मिश्रा से मुलाकात की। नागरिकों ने बताया कि भीषण गर्मी के दस्तक देते ही पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जनता की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने मौके से ही विभागीय अधिकारियों को तलब किया।
तत्काल आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में जल विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, जोन 3 अध्यक्ष साधना प्रमोद साहू, वार्ड पार्षद पुष्पा रोहित साहू सहित जोन 9 के कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव और अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता में किसी भी प्रकार की कोताही अक्षम्य है। जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाना प्रशासन की विफलता है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विधायक मिश्रा ने बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में व्याप्त जल संकट को दूर करने के लिए तकनीकी सुधारों पर तत्काल ध्यान दिया जाए, जिसके तहत खराब पाइपलाइनों और मोटरों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत बदला जाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की गंभीर समस्या है, वहाँ वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को असुविधा न हो। साथ ही, विधायक ने सभी कार्यों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की हिदायत देते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और इसकी प्रगति रिपोर्ट निरंतर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनसेवा ही उनका परम कर्तव्य है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा निर्मित न हो। विधायक की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में हर्ष है और उन्होंने इसे ‘भरोसे की राजनीति’ करार दिया है।



