छत्तीसगढ़ विधानसभा में कई मुद्दों पर गरमाया माहौल, गैस संकट, सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने
बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सड़क दुर्घटनाओं, गैस आपूर्ति, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और कौशल उन्नयन नीति जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

रायपुर, 12 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में कई जनहित के मुद्दों को लेकर माहौल गरमाया रहा। प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, सड़क दुर्घटनाएं, कौशल उन्नयन नीति और गैस आपूर्ति जैसे विषयों पर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा। कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, जिसके कारण कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी सामने आईं। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की, जबकि गैस आपूर्ति के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना पर उठा सवाल
भाजपा विधायक Kiran Dev ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एलेंगनार, उरकापाल और कांदानार सड़क निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सर्वे किए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
इस पर मंत्री Kedar Kashyap ने जवाब देते हुए कहा कि यह क्षेत्र संवेदनशील इलाकों में आता है और यहां जिला खनिज न्यास निधि के तहत भी कार्यों को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अर्थवर्क सहित प्रारंभिक कार्य किए जा चुके हैं और अगले एक वर्ष में सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अकलतरा में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता
विधायक Raghavendra Kumar Singh ने अकलतरा क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ड्रंक एंड ड्राइव और तेज रफ्तार के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं और अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार की ओर से बताया गया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी।
कोंडागांव के स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर चर्चा
विधायक Lata Usendi ने कोंडागांव जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों को लेकर सवाल उठाया।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 137 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
भुगतान में देरी को लेकर सरकार घिरी
लता उसेंडी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों में भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली बार एक महीने के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नौ महीने बाद भी भुगतान नहीं हुआ है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केवल वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद किए गए कार्यों का ही भुगतान किया जाएगा। यदि किसी कार्य को मौखिक अनुमति के आधार पर किया गया है तो उसे कार्योत्तर स्वीकृति के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में अटैचमेंट व्यवस्था खत्म
भाजपा विधायक Prabodh Minj के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के शासकीय अस्पतालों में कर्मचारियों के संलग्नीकरण की व्यवस्था समाप्त की जाएगी और सभी कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य करना होगा।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अस्पतालों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।
कौशल उन्नयन नीति पर भी चर्चा
भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने राज्य में कौशल उन्नयन नीति तैयार करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नए ट्रेड का चयन, कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का आवासीय स्वरूप और भर्ती प्रक्रिया की बेहतर निगरानी आवश्यक है।
इस पर मंत्री Guru Khushwant Saheb ने कहा कि सरकार कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पर काम कर रही है और जल्द ही इस दिशा में पहल की जाएगी।
गैस आपूर्ति और मूल्यवृद्धि पर स्थगन प्रस्ताव
सदन में गैस सिलेंडर की आपूर्ति और कीमतों को लेकर भी स्थगन प्रस्ताव लाया गया। नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में गैस की कमी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संकट से इनकार कर रही है जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि गैस आपूर्ति का विषय केंद्र सरकार से जुड़ा है। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था राज्य स्तर पर प्रभावित हो रही है तो इस विषय पर सदन में चर्चा होना जरूरी है।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित
भूपेश बघेल के बयान के बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के आगामी दिनों में भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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