11 मार्च 2026 का पंचांग: दोपहर में रहेगा राहुकाल, जानें आज के शुभ मुहूर्त, पंचांग और धार्मिक महत्व
बुधवार 11 मार्च 2026 को कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ कई ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार दोपहर के समय राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी गई है। जानें आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय और इसका धार्मिक महत्व।

रायपुर, 11 मार्च 2026 – हिंदू धर्म में पंचांग के आधार पर दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य, यात्रा, खरीदारी या धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखना प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय की गणना की जाती है।
इसी क्रम में 11 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन कई विशेष योग बन रहे हैं, जिनमें बुधादित्य योग और सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग शामिल हैं, जो धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। वहीं दिन के मध्य में राहुकाल भी रहेगा, जिसे ज्योतिष में अशुभ समय माना जाता है।
राहुकाल क्या होता है और क्यों माना जाता है अशुभ
वैदिक ज्योतिष के अनुसार राहुकाल दिन का वह समय होता है जब राहु ग्रह का प्रभाव अधिक सक्रिय माना जाता है। राहु को छाया ग्रह कहा जाता है और इसे भ्रम, बाधा, अचानक परिवर्तन और विलंब का कारक माना जाता है।
इसी कारण इस अवधि में कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि राहुकाल में शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या परिणाम अपेक्षा के अनुसार नहीं मिलते।
राहुकाल प्रतिदिन लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसका समय हर दिन बदलता रहता है क्योंकि इसकी गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर की जाती है।
11 मार्च 2026 का राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल
ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुधवार को राहुकाल दोपहर के समय पड़ता है।
आज का राहुकाल
दोपहर 12:31 बजे से 1:59 बजे तक
गुलिक काल
सुबह लगभग 11:19 बजे से 12:48 बजे तक
यमगंड काल
सुबह लगभग 8:20 बजे से 9:49 बजे तक
इन तीनों समय को सामान्यतः अशुभ माना जाता है, इसलिए इन अवधियों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान निम्न कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:
- नया व्यवसाय या व्यापार शुरू करना
- किसी महत्वपूर्ण समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करना
- नई नौकरी जॉइन करना
- घर, जमीन या वाहन खरीदना
- विवाह, सगाई या अन्य शुभ संस्कार शुरू करना
- लंबी यात्रा शुरू करना
- महत्वपूर्ण निवेश करना
माना जाता है कि राहु का प्रभाव निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है और कार्यों में रुकावट पैदा कर सकता है।
राहुकाल में क्या किया जा सकता है
हालांकि इस समय में सभी कार्य पूरी तरह वर्जित नहीं होते। कुछ कार्य इस समय में किए जा सकते हैं:
- पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जप
- भगवान शिव या भैरव की आराधना
- आध्यात्मिक साधना
- दान-पुण्य के कार्य
- पहले से चल रहे कार्यों को जारी रखना
ऐसा माना जाता है कि इस समय आध्यात्मिक कार्य करने से राहु के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं।
यदि राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाए तो क्या करें
अभिजीत मुहूर्त को दिन का अत्यंत शक्तिशाली शुभ समय माना जाता है। यह सामान्यतः दोपहर के आसपास लगभग 40 से 50 मिनट का होता है और इसे लगभग सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
लेकिन यदि अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल एक ही समय में आ जाएं तो ज्योतिषाचार्य आमतौर पर राहुकाल को प्राथमिकता देते हुए उस समय शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह देते हैं।
हालांकि कुछ परंपराओं में विशेष परिस्थितियों में अभिजीत मुहूर्त का उपयोग किया जाता है, फिर भी सामान्य नियम यही है कि राहुकाल समाप्त होने के बाद ही कार्य आरंभ करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त
आज दिन में कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं।
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह लगभग 4:59 बजे से 5:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर लगभग 12:07 बजे से 12:54 बजे तक
विजय मुहूर्त
दोपहर लगभग 3:16 बजे से 4:04 बजे तक
अमृत काल
दोपहर लगभग 3:23 बजे से 4:59 बजे तक
इन समयों में नए कार्य, पूजा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।
11 मार्च 2026 का संपूर्ण पंचांग
आज का दिन
बुधवार
सूर्योदय
सुबह लगभग 6:35 बजे
सूर्यास्त
शाम लगभग 6:26 बजे
तिथि
फाल्गुन कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा नक्षत्र
योग
सिद्धि योग और अन्य ज्योतिषीय संयोग
करण
बालव
इन पंचांग तत्वों के आधार पर दिन को सामान्य और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।
आज का धार्मिक महत्व
11 मार्च 2026 को कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ शीतला अष्टमी और कालाष्टमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर भी जुड़े हुए हैं।
शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा की जाती है, जिन्हें रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। वहीं कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित होती है और इस दिन उनकी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होने की मान्यता है।
आज के प्रमुख अशुभ मुहूर्त
आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल
12:31 बजे से 1:59 बजे तक
यमगंड काल
8:20 बजे से 9:49 बजे तक
गुलिक काल
11:19 बजे से 12:48 बजे तक
इन समयों में नए कार्य आरंभ करने से बचना बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर
यह समाचार ज्योतिषीय मान्यताओं, पारंपरिक पंचांग गणनाओं और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। अलग-अलग स्थानों और पंचांगों के अनुसार समय और गणना में कुछ अंतर संभव है। www.the4thpillar.live इस जानकारी की पूर्ण वैज्ञानिक प्रमाणिकता का दावा नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपने क्षेत्र के योग्य ज्योतिषाचार्य या अधिकृत पंचांग से परामर्श अवश्य लें।



