कुंभ के नाम पर ‘बंदरबांट’ और प्रशासनिक अराजकता में डूबी साय सरकार: दीपक बैज
राजिम कुंभ में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कड़ा प्रहार; पूछा- करोड़ों का बजट आखिर गया कहाँ?

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मात्र दो वर्षों के कार्यकाल में ही यह सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के अपने ही सांसद और विधायक अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर हैं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अराजकता अपने चरम पर है।
राजिम कुंभ: आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल
राजिम कुंभ की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए श्री बैज ने कहा कि करोड़ों रुपये के भारी-भरकम बजट के बावजूद वहां न तो साधु-संतों का सम्मान हो रहा है और न ही श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी इंतजाम हैं। उन्होंने पूछा जब हर तरफ अव्यवस्था है और स्थानीय कलाकारों का अपमान हो रहा है, तो आखिर जनता की कमाई का पैसा किसकी जेब में जा रहा है? विधायक रोहित साहू की नाराजगी को उन्होंने ‘जनता को भ्रमित करने वाला नाटक’ करार देते हुए कहा कि जब वे खुद आयोजन समिति का हिस्सा हैं, तो अधिकारियों पर भड़ास निकालना केवल अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का तरीका है।
भाजपा नेताओं की ‘टुकड़ों’ वाली नाराजगी
दीपक बैज ने सिलसिलेवार तरीके से भाजपा के दिग्गज नेताओं की चुप्पी और उनके अंतर्विरोधों पर निशाना साधा:
- ननकी राम कंवर: भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज को सरकार जानबूझकर अनसुना कर रही है।
- बृजमोहन अग्रवाल: जम्बूरी में गड़बड़ी और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर आवाज उठाई, फिर अचानक मौन हो गए।
- सांसद विजय बघेल व अन्य: मोदी की गारंटी और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर अब चुप्पी साध चुके हैं।
“राजनीतिक नौटंकी” बंद करे भाजपा
दीपक बैज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भाजपा नेता हिस्सा न मिलने पर तिलमिला रहे हैं, वे जनता के सामने खुद को ‘हितैषी’ दिखाने का स्वांग रच रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि ये नेता वाकई जनता के प्रति जवाबदेह हैं, तो सरकार की नाकामियों के विरोध में इस्तीफा क्यों नहीं देते? उन्होंने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा नेताओं की इस ‘प्रोपेगेंडा’ और ‘राजनीतिक नौटंकी’ को भली-भांति समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।



