रायपुर में नए युग की शुरुआत: 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली

राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव; अब सीधे DGP को रिपोर्ट करेगा कमिश्नरेट, पुलिस को मिलेंगे मजिस्ट्रेट पावर।





रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अत्याधुनिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर विधिवत रूप से प्रभावी हो जाएगी। इंदौर और उत्तर प्रदेश के सफल मॉडल्स का अध्ययन कर तैयार की गई यह प्रणाली रायपुर की बढ़ती आबादी और शहरी चुनौतियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।

तीन जोन में विभाजित होगा शहर

​प्रशासनिक सुगमता के लिए रायपुर को तीन प्रमुख जोन— मध्य, पूर्व और पश्चिम में बांटा गया है। पूरी व्यवस्था का नेतृत्व एक वरिष्ठ IPS अधिकारी (पुलिस कमिश्नर) करेंगे।

  • मुख्यालय ढांचा: कमिश्नर के अधीन 3 DCP (पुलिस उपायुक्त) और लगभग 21 ACP (सहायक पुलिस आयुक्त) तैनात किए जाएंगे।
  • विशेष विंग: क्राइम, ट्रैफिक, प्रोटोकॉल, महिला अपराध और अजाक (AJAK) जैसे महत्वपूर्ण विभागों के लिए अलग से समर्पित विंग कार्य करेंगे।

कमिश्नरी के दायरे में 21 थाने

​शहर के मुख्य शहरी क्षेत्र और औद्योगिक केंद्र अब सीधे कमिश्नरेट के अधीन होंगे। इसमें सिविल लाइन, तेलीबांधा, कोतवाली, पुरानी बस्ती, उरला और खमतराई जैसे प्रमुख 21 थानों को शामिल किया गया है। साथ ही, रायपुर नगर निगम और बिरगांव नगर निगम के संपूर्ण क्षेत्र इस नई व्यवस्था का हिस्सा होंगे।

शक्तिशाली होगी पुलिस: मिलेंगे ‘कलेक्टर’ जैसे अधिकार

​इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता पुलिस को मिलने वाले मजिस्ट्रेट अधिकार हैं। अब तक जिन कार्यों के लिए पुलिस को जिला कलेक्टर की अनुमति लेनी पड़ती थी, वे फैसले अब पुलिस कमिश्नर स्वयं ले सकेंगे। इनमें प्रमुख हैं:

  • ​धारा 144 लागू करना और आर्म्स एक्ट के तहत निर्णय लेना।
  • ​गन लाइसेंस की स्वीकृति और मोटर व्हीकल एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन।
  • ​अनैतिक देह व्यापार, मानव तस्करी और पॉइजन एक्ट जैसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई।

ग्रामीण रायपुर के लिए अलग व्यवस्था

​शहरी क्षेत्र पर केंद्रित इस बदलाव के बीच ग्रामीण इलाकों की सुरक्षा को भी संतुलित रखा गया है। आरंग, तिल्दा, खरोरा, अभनपुर, नया रायपुर और माना जैसे क्षेत्रों को कमिश्नरी से बाहर रखा गया है। इन इलाकों की जिम्मेदारी एक अलग ग्रामीण एसपी (SP Rural) संभालेंगे।

सीधे DGP को रिपोर्टिंग, तेज होंगे फैसले

​नई व्यवस्था के तहत रायपुर कमिश्नरेट सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) को रिपोर्ट करेगा। इससे फाइलिंग और अनुमति की लंबी प्रक्रियाओं में कमी आएगी, जिससे दंगों, आपात स्थितियों और ट्रैफिक की समस्याओं पर तत्काल निर्णय लिए जा सकेंगे।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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