Panchang: राहु काल, शुभ मुहूर्त और पंचांग, 30 अगस्त 2025 का विस्तृत धार्मिक विश्लेषण

आज शनिवार को ललिता सप्तमी का पर्व, जानिए किस समय से बचें और कब करें शुभ कार्य।





राहु काल क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है

भारतीय ज्योतिष में, राहु काल को दिन का एक अशुभ समय माना जाता है। यह एक निश्चित अवधि होती है जो हर दिन लगभग डेढ़ घंटे की होती है और सूर्योदय के समय के अनुसार बदलती रहती है।

ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह माना गया है जो आकस्मिक और अनिश्चित घटनाओं का कारक होता है। ऐसा माना जाता है कि राहु काल के दौरान राहु का प्रभाव अत्यधिक होता है, जिससे किसी भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य में बाधा आ सकती है या उसके परिणाम नकारात्मक हो सकते हैं।

यही कारण है कि इस समय में कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यह अवधि ग्रहों की विशेष स्थिति से उत्पन्न होती है और इसका निर्धारण सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर किया जाता है।

30 अगस्त 2025: राहु काल और शुभ मुहूर्त की जानकारी

आज का राहु काल:

आज, 30 अगस्त 2025, को राहु काल का समय सुबह 08:52 बजे से सुबह 10:27 बजे तक रहेगा।

राहु काल में क्या न करें:

  • नए कार्य की शुरुआत: कोई भी नया व्यापार, नौकरी की शुरुआत, या नया प्रोजेक्ट शुरू न करें।
  • शुभ कार्य: विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, या मुंडन जैसे शुभ कार्य इस समय में न करें।
  • महत्वपूर्ण यात्रा: लंबी दूरी की यात्रा से बचें, खासकर यदि वह किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए हो।
  • बड़े वित्तीय लेन-देन: बड़े निवेश, संपत्ति की खरीद या बिक्री से बचें।
  • खरीददारी: सोने, चांदी, वाहन या किसी भी कीमती सामान की खरीददारी करने से बचें।

राहु काल में क्या करें:

  • धार्मिक कार्य: इस समय में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।
  • अधूरी चीजें पूरी करना: जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें पूरा करने में कोई बुराई नहीं है।
  • घरेलू कार्य: रोजमर्रा के सामान्य घरेलू काम किए जा सकते हैं।

राहु काल में चीजों से क्यों बचना चाहिए

ज्योतिष के अनुसार, राहु एक ऐसा ग्रह है जो अचानक और अनपेक्षित रूप से घटनाओं को प्रभावित करता है। राहु काल के दौरान किए गए कार्य में अक्सर रुकावटें आती हैं, विलंब होता है, या वे असफल हो सकते हैं। इस समय शुरू किए गए कार्यों में निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है, जिससे गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, किसी भी अप्रिय परिणाम से बचने के लिए, इस अवधि को टालना ही बेहतर माना जाता है।

राहु काल और अभिजीत मुहूर्त का संयोग:

ज्योतिष के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। यह सभी दोषों को दूर करने वाला और हर कार्य में सफलता दिलाने वाला मुहूर्त होता है। यदि राहु काल और अभिजीत मुहूर्त एक साथ पड़ जाएं, तो ज्योतिष के विद्वान अभिजीत मुहूर्त को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं। ऐसा माना जाता है कि अभिजीत मुहूर्त की शुभता राहु काल के नकारात्मक प्रभाव को कम कर देती है। हालांकि, बहुत महत्वपूर्ण और शुभ कार्यों को, अगर संभव हो तो, राहु काल से पूरी तरह से बाहर के समय में ही करना चाहिए। लेकिन अगर मजबूरी हो, तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य करना पूरी तरह से स्वीकार्य और शुभ माना जाता है।

आज के शुभ मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:37 बजे से 05:25 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक। यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है और इसमें सभी प्रकार के शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:21 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:33 बजे से 06:57 बजे तक

30 अगस्त 2025 का पंचांग और धार्मिक महत्व

आज का पंचांग:

  • विक्रम संवत: 2082
  • शक संवत: 1947
  • अमांत मास: श्रावण
  • पूर्णिमांत मास: भाद्रपद
  • तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी, शाम 07:44 बजे तक, उसके बाद द्वादशी।
  • नक्षत्र: आर्द्रा, सुबह 11:25 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु।
  • करण: बव, सुबह 08:33 बजे तक, उसके बाद बालव, शाम 07:44 बजे तक।
  • योग: व्यतिपात, शाम 07:11 बजे तक, उसके बाद वरीयान।
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: मिथुन, सुबह 11:25 बजे तक, उसके बाद कर्क।
  • सूर्योदय: सुबह 06:04 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:34 बजे

आज का धार्मिक महत्व:

आज, 30 अगस्त 2025, कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विधान है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत करने वाले भक्त भगवान विष्णु को तुलसी दल, पुष्प और फल अर्पित करते हैं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हैं। यह दिन दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।


डिस्क्लेमर – (Disclaimer)

यह जानकारी सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और पंचांग के सिद्धांतों पर आधारित है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए दी गई है। इसे किसी भी प्रकार की पेशेवर सलाह नहीं माना जाना चाहिए। पाठक इस जानकारी का उपयोग अपने विवेक पर करें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लें। अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.the4thpillar.live पर जाएं।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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