E20 फ्यूल का नया युग, पर्यावरण के लिए वरदान या पुरानी गाड़ियों के लिए संकट

भारत में E20 फ्यूल की शुरुआत, क्या बदल रहा है..





भारत सरकार ने 2030 की समय सीमा से पहले ही देशभर में E20 फ्यूल उपलब्ध करा दिया है। यह फ्यूल पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे कच्चे तेल के आयात में कमी और वाहनों से निकलने वाली CO₂ में गिरावट की उम्मीद है। अभी तक देश में E10 फ्यूल (10% एथेनॉल मिश्रण) का उपयोग हो रहा था।

नई कारें: E20 के लिए तैयार

  • 1 अप्रैल 2023 के बाद बनी सभी कारें E20 फ्यूल के लिए उपयुक्त हैं।
  • कई निर्माता जैसे टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी पहले ही E20-संगत इंजन पेश कर चुके हैं।
  • फिर भी, वाहन मालिकों को अपने कार मैनुअल में फ्यूल रिकमेंडेशन जरूर देखना चाहिए।

पुरानी गाड़ियों के लिए चिंता की वजह

  • 2012 से 2023 के बीच बनी अधिकतर गाड़ियां E10 के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
  • सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने E20 के कारण माइलेज में गिरावट की शिकायत की है।
  • ARAI के अनुसार, माइलेज में 1-6% की गिरावट संभव है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह 8-20% तक बताई गई है।

वारंटी और इंजन पर असर

  • Toyota जैसी कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि अगर Owner Manual में दिए गए फ्यूल के अलावा कोई और फ्यूल इस्तेमाल किया गया, तो वारंटी अमान्य हो सकती है।
  • इंजन, गैसकेट और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है, खासकर अगर गाड़ी E20 के लिए डिज़ाइन नहीं है।

समाधान क्या है?

  • बजाज ऑटो ने पुराने BS3 वाहनों के लिए हर 1000 किमी पर 40ml फ्यूल क्लीनर मिलाने की सलाह दी है।
  • टाटा मोटर्स ने कहा है कि BS6 स्टेज 2 कारें E20 के लिए डिज़ाइन की गई हैं और कोई नुकसान नहीं होगा।
  • कुछ निर्माता भविष्य में E20 अपग्रेड सॉल्यूशंस भी पेश कर सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी।

निष्कर्ष:

E20 फ्यूल भारत के पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसके साथ ही वाहन मालिकों को जागरूक रहना होगा। नई गाड़ियों के लिए यह फ्यूल सुरक्षित है, लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए सावधानी जरूरी है। फ्यूल क्लीनर, हाई ऑक्टेन पेट्रोल और निर्माता की सलाह का पालन करना ही समझदारी होगी।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button