कैट ने किया आम बजट का स्वागत, MSME के लिए ‘ग्लोबल चैंपियन’ और टैक्सपेयर्स के लिए ‘ऐतिहासिक सुधार’ वाला बजट
प्लग एंड प्ले मॉडल और 200 नए औद्योगिक क्लस्टर से बदल जाएगी छोटे व्यापारियों की तस्वीर

रायपुर । देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की छत्तीसगढ़ इकाई ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी और प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन सहित प्रमुख पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से बजट की सराहना करते हुए इसे व्यापारियों, MSME और टैक्सपेयर्स के लिए स्थिरता और विकास का रोडमैप करार दिया।
कैट छत्तीसगढ़ के अनुसार, बजट में प्रस्तावित 12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा। रेलवे कॉरिडोर, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और कोस्टल कार्गो के विस्तार से माल ढुलाई का समय घटेगा, जिससे भारतीय व्यापारियों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
बजट में MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए “ग्लोबल चैंपियन” विजन पेश किया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘प्लग एंड प्ले’ औद्योगिक मॉडल और 200 नए औद्योगिक क्लस्टरों का विकास स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देगा और आयात पर निर्भरता कम करेगा।
व्यापारियों ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ को ऐतिहासिक बताया। कैट का मानना है कि रिटर्न फॉर्म का सरलीकरण और संशोधित रिटर्न की समय-सीमा में वृद्धि से अनावश्यक कानूनी विवादों और पेनल्टी में कमी आएगी। इसके अलावा, विदेशी टूर पैकेज पर TCS को घटाकर 2% करना और शिक्षा के लिए TCS में कटौती वर्किंग कैपिटल को सुगम बनाएगी।
सेमीकंडक्टर, AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष फोकस को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कैट ने कहा कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सेवाओं के व्यापारियों को बड़ा लाभ होगा। साथ ही, मेडिकल टूरिज्म और डिस्ट्रिक्ट-लेवल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर से होटल, ट्रांसपोर्ट और रिटेल सेक्टर में नई जान आएगी।
कैट छत्तीसगढ़ का स्पष्ट मत है कि यदि बजट की घोषणाओं को पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से लागू किया गया, तो देश के 8 करोड़ व्यापारियों के सहयोग से भारत Vision 2047 के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेगा।
इस अवसर पर जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, सुरिन्दर सिंह, अजय अग्रवाल, राजेंद्र जग्गी, राम मंधान सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।



