आज का पंचांग (12 अगस्त 2025, मंगलवार)
तत्व | विवरण |
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तिथि | भाद्रपद कृष्ण पक्ष तृतीया (सुबह 8:40 तक), फिर चतुर्थी |
वार | मंगलवार |
नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद |
योग | सुकर्मा |
सूर्योदय | सुबह 5:38 बजे |
सूर्यास्त | शाम 6:42 बजे |
चंद्रोदय | रात 8:59 बजे |
चंद्र राशि | कुंभ |
आज का राहुकाल और अशुभ समय
काल | समय |
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राहुकाल | दोपहर 3:35 बजे से शाम 5:24 बजे तक |
यमगण्ड काल | सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक |
गुलिक काल | दोपहर 12:26 से 2:06 बजे तक |
भद्रा काल | सुबह 5:49 से 8:40 बजे तक |
पंचक | पूरे दिन |
राहुकाल में क्या न करें:
- कोई नया कार्य या यात्रा शुरू न करें
- विवाह, गृह प्रवेश, व्यापारिक सौदे जैसे शुभ कार्य टालें
- पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान न करें
क्या करें:
- ध्यान, जप, आत्मचिंतन
- पुराने कार्यों की समीक्षा
- मानसिक शांति के लिए योग
क्यों टालें शुभ कार्य?
राहुकाल को ज्योतिष में अशुभ ग्रह “राहु” का प्रभावी समय माना गया है। इस काल में निर्णय क्षमता भ्रमित हो सकती है, जिससे कार्य में बाधा, हानि या मानसिक तनाव की आशंका रहती है।
आज के शुभ मुहूर्त
मुहूर्त | समय |
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अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक |
चर चौघड़िया | सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक |
लाभ चौघड़िया | सुबह 10:47 से 12:26 बजे तक |
अमृत चौघड़िया | दोपहर 12:26 से 2:05 बजे तक |
रात्रि लाभ | रात 8:24 से 9:44 बजे तक |
आज का धार्मिक महत्व
कजरी तीज:
- सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुख-सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं
- नीमड़ी माता, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है
- लोकगीत, झूला और सामूहिक पूजा की परंपरा
- नीम की पूजा से तन-मन की शुद्धि और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है
अंगारक गणेश चतुर्थी:
- जब चतुर्थी तिथि मंगलवार को आती है, तो उसे अंगारक चतुर्थी कहते हैं
- भगवान गणेश और हनुमान जी की विशेष पूजा का दिन
- विघ्नों की समाप्ति और कार्यों में सफलता के लिए व्रत रखा जाता है
विशेष उपाय:
- सुहागिन महिलाएं माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करें: लाल चूड़ी, चुनरी, बिंदी, सिंदूर
- गाय को चारा खिलाएं
- नीम की डाली की पूजा करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें
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