ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 6 विमान गिराए, S-400 ने निभाई निर्णायक भूमिका





भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एयर मार्शल कात्रे वार्षिक व्याख्यान में ऑपरेशन सिंदूर की अभूतपूर्व सफलता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस सैन्य अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े निगरानी विमान को मार गिराया। इस कार्रवाई में रूस निर्मित S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने निर्णायक भूमिका निभाई।


पाकिस्तान के विमान जो हुए तबाह:

  • 5 फाइटर जेट्स: इनमें से कुछ F-16 विमान थे, जो जैकोबाबाद एयरबेस पर मरम्मत के लिए खड़े थे।
  • 1 AEW&C विमान: जिसे ‘बिग बर्ड’ कहा जाता है, यह पाकिस्तान की हवाई निगरानी और कमांड क्षमता का अहम हिस्सा था। इसे 300 किमी की दूरी से निशाना बनाकर गिराया गया।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि:

यह अभियान 7 मई से 10 मई 2025 तक चला और इसका उद्देश्य था 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देना, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। ऑपरेशन के तहत भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया।


सटीकता और रणनीति:

एयर चीफ मार्शल सिंह ने बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाईं, जिनमें हमले से पहले और बाद की स्थिति स्पष्ट थी। उन्होंने बताया कि आसपास की इमारतें सुरक्षित रहीं, जिससे यह साबित होता है कि यह एक सटीक और लक्षित कार्रवाई थी।


S-400 की भूमिका:

  • यह प्रणाली 400 किमी तक की दूरी पर लक्ष्य को भेद सकती है।
  • पाकिस्तान के विमानों को उनके हथियारों के इस्तेमाल से पहले ही रोक दिया गया।
  • एयर चीफ ने इसे “गेम चेंजर” बताया, जिसने भारत को हवाई वर्चस्व दिलाया।

🇮🇳 रणनीतिक संदेश:

यह पहली बार है जब भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक रूप से पाकिस्तान को हुए नुकसान की पुष्टि की है। इससे भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक तैयारी का प्रदर्शन हुआ है, जो दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।


Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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