नए बैक्टीरिया से 11 साल के बच्चे की मौत और 6 लोग संक्रमित,जानिए बीमारी के लक्षण वा उपाय

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जहां देश कोरोना वायरस का आतंक झेल रहा है वहीं केरल में एक नई बीमारी ने दस्तक दी है। दरअसल, केरल के कोझिकोड में एक नई बीमारी की वजह से 11 वर्षीय बच्चे को अपना जान गवांनी पड़ी। केरल में तेजी से फैल रहे शिगेला या शिगेलॉसिस संक्रमण के कारण अब तक 6 लोग गंभीर रूप से बीमार हो चुके हैं, जिसकी जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी। माना जा रहा है कि यह संक्रमण भी घातक हो सकता है क्योंकि ये भी एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है।  शेष पढ़ें विज्ञापन के बाद…..

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क्या है शिगेला संक्रमण? सा उन युग गएगेलॉसिस नामक यह संक्रमण शिगेला नाम के बैक्टीरिया से फैलता है, डायरिया का अग्रणी जीवाणु कारक है।इसके ज्यादातर मामले कोझिकोड के कोट्टापरंबु वार्ड से सामने आए हैं। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर का कहना है कि फिलहाल डायरिया के 26 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 6 मामले शिगेला संक्रमण के थे। अन्य लोग डायरिया से ठीक हो चुके हैं जबकि 2 बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है क्योंकि उनमें डायरिया के साथ बुखार भी था। फिलहाल स्वास्थ्य अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि मरने वाले लड़के के संपर्क में आने वाले लोग भी कहीं संक्रमित तो नहीं

बच्चे हो रहे अधिक बीमार

वैसे तो हर उम्र के लोग इस संक्रमण की गिरफ्त में आ रहे हैं लेकिन बच्चों की इसकी संभावना अधिक है। केरल में इस बैक्टीरिया की चपेट में आने वाले भी ज्यादातर बच्चे हैं। इसके अलावा यात्रा कर रहे लोग भी संक्रमण की चपेट में हैं क्योंकि वह दूषित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ सकते हैं।

शिगेलॉसिस संक्रमण के लक्षण

यह बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यही नहीं, डायरिया ठीक होने के बाद भी यह बैक्टीरिया दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को बीमार कर सकता है।

  • डायरिया
  • तेज बुखार
  • पेट में ऐंठन
  • शारीरिक कमजोरी

क्या संभव है इलाज?

इसके लक्षण 7 दिन तक रह सकते हैं, जिसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए किया जा रहा है। इन दवाओं के द्वारा बीमारी की अवधि को कम किया जा सकता है। हालांकि यह वैक्सीन बहुत कम संख्या में लोगों को बीमार कर रहा है इसलिए इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

शिगेलॉसिस संक्रमण के करण

  • .शिगेलॉसिस संक्रमण के बैक्टीरिया दूषित भोजन, संक्रमित पानी के जरिए व्यक्ति को बीमार कर सकता है।
  • वहीं, यह इंफेक्टिड व्यक्ति के मल से भी फैल सकता है।.
  • संक्रमित लोगों के साथ यौन संपर्क भी बीमारी का कारण बन सकता है।
  • .इसके अलावा यह यह संक्रमित सतह को छूने और संक्रमित व्यक्ति द्वारा बनाए गए भोजन को खाने से भी फैल सकता है।

कैसे करें रोकथाम

कोरोना की ही तरह इस बीमारी से बचने के लिए भी उचित स्वच्छता बनाए रखना सबसे जरूरी है जैसे…

  • ठीक से हाथ धोने से बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं
  • हाथ- गले मिलना से परहेज करें
  • सक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें
  • ध्यान रखें कि आपका भोजन व पीने का पानी स्वस्छ हो।
  • ऐसी डाइट लें, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत हो।
  • लिक्विट डाइट अधिक लें और ज्यादा से ज्यादा आराम करें
  • लेकिन मामला गंभीर हो डॉक्टर को चेकअप करवाएं।

याद रखें आपकी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है इसलिए स्वच्छ रहें और स्वस्थ रहें।

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