सुरक्षित रायपुर के लिए विधायक पुरंदर मिश्रा का ‘मास्टर प्लान’, शहरी आपदा प्रबंधन पर विशेषज्ञों के साथ किया मंथन
"आज की तैयारी, कल की सुरक्षा": शहरी आपदा जोखिम पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने दिया स्पष्ट संदेश।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर आज एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में आयोजित “शहरी आपदा जोखिम” (Urban Disaster Risk) विषयक इस कार्यक्रम में उत्तर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक पुरंदर मिश्रा मुख्य रूप से सम्मिलित हुए।
“सुरक्षित शहर की सोच, जनहित की ओर कदम” के मूल मंत्र को साझा करते हुए विधायक मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों और अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आधुनिक रायपुर के निर्माण में आपदा प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है।
साझा प्रयास और जन-जागरूकता पर जोर:
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि तेजी से बढ़ते कंक्रीट के जंगलों और शहरीकरण ने हमारे सामने नई आपदाओं की चुनौतियाँ पेश की हैं। इनसे निपटने के लिए केवल सरकारी तंत्र काफी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता अनिवार्य है। समय रहते पूर्व तैयारी और विभागों के बीच आपसी तालमेल ही किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।
दिग्गजों की रही मौजूदगी:
इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे, विधायक मोतीलाल साहू, और विधायक अनुज शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए। प्रशासनिक स्तर पर रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह और निगम आयुक्त विश्वदीप ने आगामी कार्ययोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
बैठक के अंत में विधायक मिश्रा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपदा प्रबंधन की नीतियों को फाइलों से निकालकर धरातल पर क्रियान्वित करें, ताकि शहर का हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।



