ब्रेकिंग न्यूज़: हिमाचल के चंबा में एक घंटे में दो बार कांपी धरती, भूकंप के झटकों से सहमे लोग






20 अगस्त की सुबह हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला झटका 3.3 तीव्रता का और दूसरा 4.0 तीव्रता का था।

हालांकि किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल है।

चंबा, हिमाचल प्रदेश, 20 अगस्त 2025 : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बुधवार तड़के धरती ने दो बार जोरदार झटकों से लोगों को नींद से जगा दिया।

पहला भूकंप सुबह 3:27 बजे आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 मापी गई और इसका केंद्र जमीन की सतह से 20 किलोमीटर नीचे था। इसके लगभग एक घंटे बाद सुबह 4:39 बजे दूसरा भूकंप आया जिसकी तीव्रता 4.0 थी और यह अपेक्षाकृत सतह के करीब, 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था।

पहला –


दूसरा –

भूकंप के झटकों से चंबा के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। रात के समय आए इन झटकों ने ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से दहशत फैलाई। लोग एक-दूसरे को जगाते रहे और खुले स्थानों पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

इसी दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बुधवार तड़के 2:38 बजे भूकंप आया जिसकी तीव्रता 3.7 दर्ज की गई। इसका केंद्र 170 किलोमीटर की गहराई में था। वहां भी लोग घरों से बाहर निकल आए लेकिन किसी तरह की क्षति की खबर नहीं है।

हिमाचल में भूकंप की संवेदनशीलता क्यों

हिमाचल प्रदेश विशेष रूप से चंबा जिला भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र सक्रिय भ्रंश रेखाओं (fault lines) पर स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि लगातार बनी रहती है। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव के कारण हिमालय का निर्माण हुआ था और यही टकराव आज भी जारी है। भारतीय प्लेट हर वर्ष लगभग 5 सेंटीमीटर यूरेशियन प्लेट की ओर बढ़ रही है, जिससे हिमालय की ऊंचाई बढ़ रही है और भूकंप की घटनाएं भी लगातार होती रहती हैं।

मानसून की मार के बीच भूकंप की चुनौती

हिमाचल प्रदेश पहले से ही भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। ऐसे में भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कुल्लू जिले में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं से पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस मानसून में अब तक 276 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घर, दुकानें व पशुशालाएं नष्ट हो चुकी हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहत की बात यह है कि इन भूकंपों से अब तक किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

Richa Sahay

ऋचा सहाय — पत्रकारिता और न्याय जगत की एक सशक्त आवाज़, जिनका अनुभव दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय है। वर्तमान में The 4th Pillar की वरिष्ठ समाचार संपादक के रूप में कार्यरत ऋचा सहाय दशकों से राजनीति, समाज, खेल, व्यापार और क्राइम जैसी विविध विषयों पर बेबाक, तथ्यपूर्ण और संवेदनशील लेखन के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी की सबसे खास बात है – जटिल मुद्दों को सरल, सुबोध भाषा में इस तरह प्रस्तुत करना कि पाठक हर पहलू को सहजता से समझ सकें।पत्रकारिता के साथ-साथ ऋचा सहाय एक प्रतिष्ठित वकील भी हैं। LLB और MA Political Science की डिग्री के साथ, उन्होंने क्राइम मामलों में गहरी न्यायिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया है। उनके अनुभव की गहराई न केवल अदालतों की बहसों में दिखाई देती है, बल्कि पत्रकारिता में उनके दृष्टिकोण को भी प्रभावशाली बनाती है।दोनों क्षेत्रों में वर्षों की तपस्या और सेवा ने ऋचा सहाय को एक ऐसा व्यक्तित्व बना दिया है जो ज्ञान, निडरता और संवेदनशीलता का प्रेरक संगम है।

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